मंज़िलों तक पहुँचने का जब रास्ता मिलेगा मुझे
अंजानों का चेहरा भी तब, हसता मिलेगा मुझे।
.
माना की ज़रा महँगे हैं अब दो पल भी लोगों के
ऊँचाइयों पर अच्छा अच्छा सस्ता मिलेगा मुझे।
Related Posts
घड़ी⏰ की टिक टिक को मामूली न समझिये…! बस यूँ समझ लीजिये ” ज़िन्दगी_के_पेड़_पर कुल्हाड़ी_के_वार है…
गरीब की इबादत को देख कर, भगवान खुश हुए और पूछा की क्या चाहिए …?? . . भगवान भी शर्मिंदा Continue Reading..
महोब्बत भी अजीब चीज बनाई खुदा तुने ! तेरे ही मंदिर मे, तेरी ही मस्जिद मे, तेरे ही बंदे, तेरे Continue Reading..
ना मस्जिद की बात हो, न शिवालों की बात हो, प्रजा बेरोज़गार है, पहले निवालों की बात हो 👫 मेरी Continue Reading..
जीवन मिलना यह भाग्य पर निर्भर है, किंतु मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में ज़िंदा रहना यह अपने Continue Reading..
~Zara Sa Baat Karne Ka Saleeqa Seekhlo, Idar Tum Lab Hilatey Ho Udr Dil Toot Jaya Kartey Haii .. ‘
दिल की हर आरज़ू हर किसी की पूरी हो.. न रहे कोई उदास न कोई ख़ुशी अधूरी हो…!!
तकदीर के लिखे पर कभी शिकवा ना करना . ए इन्सान . तु इतना अकलमन्द नही के रब के इरादे Continue Reading..