पत्नी :– ये जो तुम रोज़ फेसबुक पर रोमांटिक शायरियाँ लिखते हो कि, ये तेरी जुल्फें है जैसे रेशम की डोर, ये किसके लिये लिखते हो ?
पति :– पगली तेरे लिये ही लिखता हूँ,
.
.
पत्नी :– तो फिर वो रेशम की डोर कभी दाल में आ जाती है तो इतना चिल्लाते क्यूँ हो
Related Posts
हर गलती सिर्फ सोरी बोलने से माफ़ नहीं हो जाती, कुछ गलतियों के लिये थप्पड़ मारना भी जरुरी होता है
जिसके भी घर जायें, बच्चों को बराबर पैसे देकर आयें वरना उस घर में कयामत भी आ सकती है
Full kameena pan..!! 1st frnd:- Bro can i use your phone to call my grlfrnd..?? . . . . . Continue Reading..