आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो, मेरे साथ ….. उसने भी हँसके कहा, दूसरा और कौन है तेरे साथ
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वो रात दर्द और सितम की रात होगी, जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी, उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर Continue Reading..
Kisi aur ke baho mein rahakar Wo humse wafa ki bate karte hai Ye kaisi chahat hai yaro, Wo bewafa Continue Reading..
Milkar Kho Jana Mera Naseeb Tha, Wah, Yeh Dard Bhi Kitna Ajeeb Tha…
वो रोए तो बहुत.. पर मुहं मोड़कर रोए.. कोई तो मजबूरी होगी.. जो दिल तोड़कर रोए.. मेरे सामने कर दिए Continue Reading..
Hamare baad nhi aaye ga tumhe chahto ka aisa mja!! Tum logo ko khte firo ge, hume chaho uski tarah!!
ज़िन्दगी आखिरकार रुला ही देती है… जनाब ….. फिर चाहे हम माँ बाप के कितने ही लाड़ले क्यूं ना हो…
एक सवेरा था जब हंस कर उठते थे हम और आज कई बार बिना मुस्कराये ही शाम हो जाती है
ना प्यार कम हुआ है ना ही प्यार का अहेसास, बस उसके बिना जिन्दगी काटने की आदत हो गई है Continue Reading..
