वो रोटी चुरा के चोर हो गया. . . लोग मुल्क खा गए, कानून लिखते लिखते.
अक्सर वक्त पडने पर वो ही साथ छोडते है… जिनपर सबसे ज्यादा भरोसा होता h
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं मेरी बुराई ना सुन सके !!
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख, मुझसे भी बुरे है लोग तू घर से निकलकर तो देख
कुछ नहीं होगा तो आँचल में छुपा लेगी मुझे, माँ कभी सर पे खुली छत नहीं रहने देगी !
प्रेम के चक्रव्युह को तोड़ना जानती थी तुम….!! मैं अभिमन्यु था,तो मारा गया….!!
अगर इतनी नफरत है मुझसे तो कोई ऐसी दुआ कर, जिससे तेरी दुआ भी पूरी हो जाऐ और मेरी जिन्दगी Continue Reading..
जिंदगी भी अजीब है जैसे जैसे कम हो रही है वैसे वैसे ज्यादा पसंद आती जा रही है…!!
खामोशियाँ तेरे मेरे बीच…कितनी सच्ची लगती हैं… लफ्जों के धोखे से कहीं दूर…चुपके से हंसते हैं….
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *