इक तो नहीं सजन मेरे पास नही रे… दूजे मिलन दी कोई आस नही ऱे….
नाराजगी चाहे कितनी भी क्यो न हो तुमसे तुम्हें छोड़ देने का ख्याल हम आज भी नही रखते_!!!
अजीब सबूत माँगा उसने मेरी मोहब्बत का कि मुझे भूल जाओ तो मानूँ मोहब्बत है !
तकदीर इतनी भी बुरी नहीं थी, पर कुछ रिश्तों ने नरक बना दी जिंदगी को
*हम तो आईना हैं, आईना ही रहेंगे फ़िक्र वो करें..!!* *जिनकी शक्लो में कुछ और और दिल में कुछ और Continue Reading..
बहुत शख्स मिले जो समझाते थे मुझे…. काश…कोई मुझे समझने वाला भी मिलता….
सामान बाँध लिया है मैंने भी अब बताओ दोस्त 😥, वो लोग कहाँ रहते है जो कहीं के नहीं रहते।
जिंदगी की उलझनों ने मेरी शरारतें कम कर दीं, और लोग समझते है कि मैं समझदार हो गया
जब दुशमन पत्थर मारे तो उसका जवाब फूल से दो.. मगर वो फूल उसकी कब्र पर होना चाहिये…..
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