मुझे अपने दर्द की परवाह नही भगवान करे तू हमेसा खुश रहे
वो कर रहे थे महफिल मे जिक्र अपनी वफा का . नजर मुझ पर पडी तो बात ही पलट दी
हमदर्दीयों की भीख सी देने लगे हैं लोग ,, यूँ अपने दिल का हाल ना सबसे कहा करो
Chup chap chal rahay thay safar-e-hayat mein Tum pe nazar pari to, gumrah se ho gaey.
“तू अगर मुझे नवाजे तो तेरा करम है मेरे मालिक, वरना तेरी रहमतो के काबिल मेरी बंदगी नही.”
Apni halat ka khud ehsaas nahi h mujhko maine auro se suna hai ki pareshan hu mein.
बहुत शख्स मिले जो समझाते थे मुझे…. काश…कोई मुझे समझने वाला भी मिलता….
कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग, दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।
बादशास की गली मे आकर कभी पता नही पूछा करते . गुलामो के झुके हुए सर खुदबखुद रास्ता बता देते Continue Reading..
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