मेरे दर्द को रोज सुनते हो आप, आज आप कुछ लिखो मैं सुनूंगा
अब ऩ कोई हमे अपनेपन का यकीन दिलाये, हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने..
सुनो, उसको बता देना की जो उस पर मरती थी न वो मर गयी है
Aisa Lagta Hai Narazgi Baaqi Hai Abhi… Haath Thama Hai Magar us Ne Dabaya to Nahi…
जरा सी बात पर बरसों के याराने गए चलो अच्छा है पर कुछ लोग तो पहचाने गए
इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
ना सलाम याद रखना ना पैगाम याद रखना। छोटी सी तमन्ना है ऐ दोस्त मेरा नाम याद रखना।
Shikayatein toh bahut hai tujh se eh zindagi… Par tune jo diya…woh bhi bahut toh ko nasseb nahi….
Ajeeb Andhera Hai “ISHQ” Teri Mehfil Me, Kisi Ne “DIL” Bhi Jalaya To “ROSHNI” Na Hoi…!!!
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