“आज का ज्ञान! लड़की और नौकरी तभी छोड़ें, जब दूसरी हांथ में हो!”
तहजीब देखता हूँ मैं गरीबों के घर में दुपट्टा फटा हो फिर भी सर पर होता है
दश्त था, सेहरा था, तन्हाई थी, वीरानी थी, अपने ही अपने नही थे…बस यही हैरानी थी.
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने….. हमें इश्क का शौक है, आवारगी का नही…
नींद तो बचपन में आती थी अब तो mobile को rest देने के लिए सो जाते हैं
यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना। नफ़रत बता रही है, तूने महोब्बत् गजब की थी।।
कुछ गुनाह तो तेरे भी होंगे, तभी खुदा ने मुझे तुझसे जुदा कर दिया. .
Koi paband muhabbat hi bta skta hai ___ Ek deewany ka zanjeer se rishta kya
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