वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
जितनी हसीन ये मुलाकातें है😉 😘 उससे भी प्यारी तेरी बातें है
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहती ।।
कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलतें हैं
~Nahi Haii Meri Fitrat Mein Yeh Adaat, Warna Teri Tarah Badlna Mujhe Bhii Aata Haii .. ‘
लोग आँसुओं मे पढ़ते थे नाम तेरा.. इसीलिए हमने रोना छोड़ दिया.. :)) –
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
मुझे महोब्बत है तेरे मन से.. न तेरी खूबसूरती से न लिबास से..
DP mat dekh Pagli Dil dekh Dil, Branded hai.
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