कितना अच्छा होता…तुम जो मतलबी होते… और तुम्हें सिर्फ….मुझसे ही मतलब होता…
खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की … आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है…
दिल करता है कहीं इस तरह गुम हो जाऊँ ……. रहू सबके सामने पर किसी को नजर ना आऊँ .
सुनो आज आखरी बार अपनी बाँहों में सुला लो . अगर आँख खुले तो उठा देना , वरना सुबह हमे Continue Reading..
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की… तुम्हें देखा तो लगा…एक बार और देख लू…
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख, मुझसे भी बुरे है लोग तू घर से निकलकर तो देख
चेहरे के रंग को देखकर दोस्त ना बनाना.. दोस्तों .. तन का काला तो चलेगा लेकिन मन का काला नहीं।
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
~Kyun Na Ayy Shakhs Tujhe Hath Laga Kar Dekhoon, Tu Mere Vehem Se Barh K Bhi To Ho Sakta Hai Continue Reading..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *