बहुत शख्स मिले जो समझाते थे मुझे…. काश…कोई मुझे समझने वाला भी मिलता….
मैं हँसता हूँ तो बस अपने ग़म छिपाने के लिए.. और लोग देख के कहते है काश हम भी इसके Continue Reading..
मजबुरीयां तुमहारी थी और देख …!! तनहा हम हाे गऐ
शायद हम ने जिंदगी की कीमत को जाना ही नहीं, वरना किसी के लिए खुद को बर्बाद नहीं करते..
ख्वाहिश नहीं मुझे मशहूर होने की। आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी
~ Kab Do Ge Nijaat Mujhe In Raato’n Ki Tanhai Se Aye Ishq Apne Zulm Dekh Aur Meri Umer Dekh Continue Reading..
सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा , जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है
मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना, मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।
बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,❤ बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे.
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *