मुझे फर्क नहीं पता अपनो और गैरो का, हर कोई हँसा है मुझे रोता देखकर
आँसू वो खामोश दुआ है जो सिर्फ़ खुदा ही सुन सकता है।
मेरी ज़िन्दगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला. मैं Haari भी तो apne ही Raaje से..!!
हमारी तो ज़ुबान भी इतनी बात नहीं करती •• जितनी तुम्हारी आंखें करती है
~Jab Bhi Dil Udaas Hota Haii Wajah Teri Yaad Banti Haii .. ‘
नींद उड़ा कर मेरी कहते है वो कि सो जाओ कल बात करेंगे, अब वो ही हमें समझाए कि कल Continue Reading..
नहीं मिलेगा तुझे कोई हम सा, जा इजाजत है ज़माना आजमा ले.
रात हुई जब शाम के बाद! तेरी याद आई हर बात के बाद! हमने खामोश रहकर भी देखा! तेरी आवाज़ Continue Reading..
वक्त निकाल कर अपनों से मिल लिया करो, अगर अपने ही ना होंगे तो, क्या करोगे वक्त का ???
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