इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
मौहब्बत की मिसाल में,बस इतना ही कहूँगा । बेमिसाल सज़ा है,किसी बेगुनाह के लिए ।
कमाल की मोहब्बत थी उसको हमसे, अचानक ही शुरू हुई और बिन बतायें ही ख़त्म.
तुम्हारी ज़िद बेमानी है दिल ने हार कब मानी है कर ही लेगा वश में तुम्हें आदत इसकी पुरानी है.
शतरंज का खेल हम खेलते नही क्योकि दुशमनो को हम अपने सामने बैठाते नही और दोरतो के साथ हमे चाल Continue Reading..
शायद हम ने जिंदगी की कीमत को जाना ही नहीं, वरना किसी के लिए खुद को बर्बाद नहीं करते..
Ae gham-e-zindagi na ho naraz, Mujhe ko aadat hai muskuraane ki..
हद से ज्यादा प्यार तब करो जब सामने वाला तुम्हारे प्यार के काबिल हो, क्यूंकि बेवफा लोगों पर प्यार लुटाने Continue Reading..
ज़िंदगी एक सेल्फ़ी जैसी होनी चाहिये, जो कभी कभी Clear ना दिखे, लेकिन Smile हमेशा देती रहे,,
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *