एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया.. मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।
मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _ और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी..! –
~Khyaal’E-Yaar Meiin Mujko Yoon’Hii Madhosh Rehne Do, Na Pucho Raat Ka Qiisa Mujhe Khamosh Rehne Do .. ‘
मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
भुलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,.. मैंने नहीं मेरे दिल ने चुना है तुम्हे
Someone asked me, How’s life….? I just smiled and replied, She’s fine
~Zyada Kuch Naii Badla Haiin Tere Mere Beech Mein, Pehle Nafrat Na Thi Ab Pyar Nahii Haii .. ‘
मेरी कहानी तुम सुन सको…!!! . . इतने आँसू कहाँ हैं तुम्हारे पास…!!!
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *