एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया.. मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।
हम सादगी में झुक क्या गए , तुमने तो हमे गिरा हुआ ही समझ लिया
मन की मैं पौसो से गरीब हु, पर कोई माझे अपना बनाये तो उसके सारे गम खरीद सकता हूं
ना तुझको खबर हुई ना ज़माना समझ सका, हम तुझ पर, चुपके-चुपके से कई बार मर गये..
Waqt Acha Zaroor Aata Hai.. Par Kabhi Waqt Par Nahi Aata…!!!
मार्केट में लड़की की स्कूटी ख़राब होने पर, आसपास के लड़कों के अंदर का मैकेनिक जाग जाता है !!
गिला बनता ही नहीं बेरुखी का, दिल ही तो है, भर गया होगा।
जुबान का वजन बहुत कम होता है लेकिन इसको बहुत कम लोग ही संभाल पाते है
दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं….!!
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