उनसे मिलने को जो सोचों अब वो ज़माना नहीं,
घर भी कैसे जाऊं अब तो कोई बहाना नहीं,
मुझे याद रखना कहीं तुम भुला न देना,
माना के बरसों से तेरी गली में आना-जाना नहीं।
Related Posts
~Kaha Tha Mere Hamdam Ne Milyn’Ge Ab December Meiin, Lout Aao Ke Merii Tarah December Bhi Thora Reh Gya Haii Continue Reading..
~Unkii Nazreii’n Na Jaan Payii Achaiya Hamarii, Hum Sach Meiin Khraab Hotey Toh Socho Kiitne Fsaad Hotey .. ^
दीवार में चुनवा दिया है सब ख्वाइशों को…. . . . अनारकली बन कर बहुत नाच रही थी sali.. मेरे Continue Reading..
वक़्त भी लेता है करवटे कैसी कैसी.. इतनी तो उम्र भी नहीं थी जितने हमने सबक सीख लिए…
“तेरा प्यार पाने के लिए मैंने अपने सपने बेच दिए तो भी तू मेरे प्यार को समज ना सकी,,,, अगर Continue Reading..
पहले मुझे लोग बहुत अच्छे लगा करते थे फिर महसूस हुआ कि मैं ही अच्छा था वो नहीं..
इन आँखों से तेरा अक्स मिटाने की कोशिश हर बार हुई, इस दिल में तुझे भूल जाने की साजिश हर Continue Reading..
दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएं! हंसते हुए ये ज़ख्म किसे दिखाएँ! कहती है ये दुनिया हमे Continue Reading..