चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
! वो अब भी आती है ख्वाबों में मेरे.. ये देखने की मैं उसे भूला तो नहीं…..!!
“मेरा हर पल ��सुंदर है…, जब से तू इस दिल ❤के अंदर है.
एक छोटी पेंसिल एक विशाल याद्दाश्त से कहीं बेहतर है
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
“काश कुछ लोग बेईमान नही होते , तो आज इतने लोग परेशान नही होते!”
वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
मुमकिन नहीं शायद किसी को समझ पाना … बिना समझे किसी से क्या दिल लगाना
बस आख़री साँस बाकी है ,, तुम आती हो या मैं ले लूँ…
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