चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
~Phiir Jab Meiin Uske Biina Jeeney Lagii , Usee Merii Kamii Mehsoos Hone Lagi .. ‘
-Tu Zaroori Sa Haii Mujhko Ziinda Rehney Ke Liiye ..
सोचता हूँ बेच डालूं …. मेरे सब उसूल अब पुराने हो गए हैं !!
सुख मेरा, काँच सा था.. ना जाने कितनों को चुभ गया..!!
सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो.!!
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों, जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…
पुराने आशिक वफा तलाश करते थै, आज के आशिक जगह तलाश करते है..
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