दुआ का यूँ तो कोई रंग नहीं होता मगर दुआ रंग जरुर लाती है
वो सामने आये तो अज़ब तमाशा हुआ; हर शिकायत ने जैसे ख़ुदकुशी कर ली।
हम ने भी कह दिया उनसे की बहुत हो गयी जंग बस.. बस ए मोहब्बत तुझे फ़तेह मुबारक मेरी शिक्स्त Continue Reading..
अजीब दस्तूर है मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है टूट कोई जाता है..
मैं सिर्फ तेरा साथ निभाने के लिए जिंदा हूं सांसे रुक गई हैं धडकने सुनाने के लिए जिंदा हूं
Jisy Khud sy hi nahi fursatein, jisy khyal apnay jamal ka… Usey Kya Khabar mery shoq ki , usy kya Continue Reading..
मेरे दर्द को रोज सुनते हो आप, आज आप कुछ लिखो मैं सुनूंगा
पानी फेर दो इन पन्नों पे, ताकी धुल जाये स्याही सारी.. जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी-कभी..!!
तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ। यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता हैं…!!
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