दुआ का यूँ तो कोई रंग नहीं होता मगर दुआ रंग जरुर लाती है
कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये
मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता…
दिन में ना जाने कितनी बार होता है ऐसा… तेरी याद आना और मेरा उदास हो जाना
MuDatoOn BaaD aaJ phiR preshaN huA hY Dil……. Jaany kis HaaL may ho ga Mujh sey Rothny wala……
काश कि कयामत के दिन हिसाब हो सब बेबफाओँ का , और वो मुझसे लिपट कर कहे कि,मेरा नाम मत Continue Reading..
नाराजगी चाहे कितनी भी क्यो न हो तुमसे तुम्हें छोड़ देने का ख्याल हम आज भी नही रखते_!!!
यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी, कभी हम नहीं समझे कभी तुम नहीं समझे….!!
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