हम गुम थे एक खयाल में इस कदर खुद को ढूंढने का वक्त ही नहीं मिला
साझेदारी करो तो किसी के दर्द के साथ, क्योंकि खुशियों के दावेदार तो बहुत हैं।
Wo royea zaroor hoga, Khali kagaz dekh kar, Zindagi kaisi beet rahi hai,Poocha tha jawab mein..
धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल अभी तो पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है उनका.
Mera kaarnama-e-zindagi meri hasraton ke siwa kuch nahi… Yeh kiya nahi, woh hua nahin, yeh mila nahi, woh raha nahi….
खेलने दो उन्हें जब तक जी न भर जाए उनका.,…, मोहब्बत 4 दिन की थी तो शौक कितने दिन का Continue Reading..
मैं मोहब्बत करता हूँ तो टूट कर करता हुँ… ये काम मुझे जरूरत के मुताबिक नहीं आता….
लब ये कहते हैं कि चलो अब मुस्कुराया जाये, सोचती हैं आखे, दिल से दगा कैसे किया जाये?
“क्या लिखूँ अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तो, वो लोग ही बिछड़ गए जो जिंदगी हुआ करते थे !!”
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