*आज वक़्त ⌚️आपका हैं, तो इसका मतलब ये नहीं के *कल भी तुम्हारा होगा,
ज़िन्दगी में कई ऐसे लोग भी मिलते हैं जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं.
“मर्दाना कमजोरी” के इलाज पर रंगी हुई है शहरों की दीवारें… और लोग कहते हैं कि “औरतें कमज़ोर” हैं…
चलो बिखरने देते है जिंदगी को अब, सँभालने की भी तो एक हद होती है…!
तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी, हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
Auron se to pyaar ka rishta bhi nahi tha.. Tum itne badal jaoge socha bi nai tha…?
~ Woh Naah Miltey Toh Acha Tha Bekaar Main [Mohabbat• Sey Nafrat Hogayi .. ‘
*मैंने माँगा था थोड़ा सा उजाला अपनी ज़िन्दगी में* *चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी…!
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