पूरी दुनिया से जुदा सी है वो, हम जिसे चाहते है खुदा सी है वो !!
जरा सी बात पर बरसों के याराने गए चलो अच्छा है पर कुछ लोग तो पहचाने गए
UDHTE prindo ko koi nhi ROK skta….. JO APNE hote hai WO khud hi LAUT kr aate hai….
-Hum Se Badal Gaya Wo Nigahen To Kya Huya, Ziinda Hain Kitne Log Mohabbat Kiye Bagair .. ‘
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
Apni halat ka khud ehsaas nahi h mujhko maine auro se suna hai ki pareshan hu mein.
मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
जारी है मेरी कलम से स्याही का रिसना….. बस तुम दर्द देने का सिलसिला बरकरार रखना !
दुआ करो की..मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ… तुम्हे भी देख सकूँ…खुद को भी सम्भाल सकूँ….
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