अपना परिचय अगर खुद देना पड़े, तो समझ लीजिये कि सफलता अभी दूर है..!
पानी फेर दो इन पन्नों पे, ताकी धुल जाये स्याही सारी.. जिन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी-कभी..!!
किताबें भी पढ़ने का शौक़ नहीं था हमें, और इस इश्क़ ने आँखें पढ़ना सिखा दिया !!
बिछड़े थे किस गुरूर से वो भी तो याद कर, आए जो अब आँख में आँसू,फिज़ूल हैं…!!
~Kassh Koii Aiisa Ho Jo Gale Lga Kar Kahe,, Tere Dard Se Hame Bhii Takleef Hotii Haii .. ^
जो मेरी आँखो मे पलको पे रहता था, आज काजल लगाया तो बहुत याद आया।
इक तो नहीं सजन मेरे पास नही रे… दूजे मिलन दी कोई आस नही ऱे….
je pyr bhi ajeeb h, jo ise jan le…. ye kmbkhat usi ki jaan le leta h….
दुआ का यूँ तो कोई रंग नहीं होता मगर दुआ रंग जरुर लाती है
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *