सामने होते हुए भी तुझसे दूर रहना, बेबसी की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी
मेरा “मैं” हरपल “हम” में बदलता रहा… और तुम बे-परवाह “तुम” में ही रही…
तुम्हे क्या पता किस “दर्द” मे हूँ मैं ! जो कभी लिया ही नही,उस “कर्ज़” मे हूँ मैं
मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता…
मेरी ज़िन्दगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला. मैं Haari भी तो apne ही Raaje से..!!
अनपढ़ लोगो की वजह से ही हमारी मातृभाषा बची हुई हैं साहब वरना पढ़े हुए कुछ लोग तो राम राम Continue Reading..
जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना. कम्बख्त ये जिंदगी.. भरोसे के काबिल नहीं है.!
UDHTE prindo ko koi nhi ROK skta….. JO APNE hote hai WO khud hi LAUT kr aate hai….
~Mere Haq Me Khushiyon Ki Dua Karte Ho, Tum Khud Mere Kyun Nahi Ho Jate .. ^
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