जब आपकी ज़रूरतें कम होंगी , तब आपको ज़रुरत से ज़्यादा मिलेगा …
यही सोच कर उसकी हर बात को सच मानते थे, के इतने खुबसूरत होंठ झूठ कैसे बोलेंगे.
सुना है कोई और भी चाहने लगा है तुमको, हमसे बढ कर अगर चाहे तो उसी के हो जाना..
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख मुझसे भी बुरे है लोग तू घर से निकलकर तो देख
भूखा पेट,खाली जेब और झूठा प्रेम इन्सान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा जाता है
अपने होंठो को मेरे होंठो से लगा दो, कोई शिकायत होगी भी तो कह नहीं पाउँगा..!!
कहाँ जाऊंगा तुम्हें छोड़ के •• तेरे बिना रात नही गुजरती जिंदगी क्या गुज़रेगी..
चंद पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के. ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया.
अजीब सबूत माँगा उसने मेरी मोहब्बत का कि मुझे भूल जाओ तो मानूँ मोहब्बत है !
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