नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग, वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले.
वादो से बंधी जंजीर थी जो तोड दी मैँने, अब से जल्दी सोया करेंगे , मोहब्बत छोड दी मैँने….
लफ्ज़ पहचान बने मेरी तो बेहतर है..!! चेहरे का क्या है, साथ ही चला जाएगा एक दिन
जनाज़ा इसीलिए भारी था उस गरीब का…!! क्योकि वह सारे अरमान साथ लेकर चला गया…!!
बदल रही हे जिंदगी, बदल रहे हे अन्दाज जीने के… बदल रहे हे लोग, खंजर छुपाये बेठे है अपने भी Continue Reading..
Hukumat karna hota agar tumse Ijazat nahi lete…. Mohabbat ki hai isleye adab se pesh aate hai…
मेरे साथ बिताए लम्हो की याद जरा सम्भाल कर रखना . क्योकि हम याद तो आएगे मगर लौटकर नही
-Hamarey Aitbaar Ki Hadd Poochtey Ho Toh Suno Tum’Neh Din Ko Raat Kaha Aur Hum So Gey .. ‘
परेशानी का कोई पैमाना नही होता साहब| मै तो ये सोचकर भी परेशान हो जाती हूँ कि कमिटी(committee) की स्पेलिंग Continue Reading..
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