मोहब्बत थी, तो चाँद अच्छा था..! उतर गई, तो दाग भी दिखने लगे..
तेरे चेहरे पे ये शिकन हमें मंजूर नही…!!! . . सुनों तुम खुश रहा करो मैं रहूँ न रहूँ…!!
Rooh men meri bass k bOla wO .. Itni nazdekiyan achi nhi hOti ..
Glti meri hi thi vo pappi pappi mangti rhi or me kutte ka bachaa dhundta RHA……..
बताओ ज़रा कौन सी बहार ले आया है जनवरी . . सब कहते थे बड़ा वीरान है दिसंबर..!!
प्रेम के चक्रव्युह को तोड़ना जानती थी तुम….!! मैं अभिमन्यु था,तो मारा गया….!!
मुझे अपने दर्द की परवाह नही भगवान करे तू हमेसा खुश रहे
अगर बेवफाओं की अलग ही दुनिया होती तो, मेरे वाली…कमीनी…वहाँ की रानी होती
चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या मुसाफिर बन जाउंगा !
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