उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
एक छोटी पेंसिल एक विशाल याद्दाश्त से कहीं बेहतर है
इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
~Sochti Hun Kabhi Utar Keh Daikhun Us Keh Dil Mein, Kon Basa Hai Us Mein Jo Mujhe Basne Nahii Deta Continue Reading..
त्यौहारों के बहाने ही सही, रिश्ते तो घर लौट आते है…
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
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