दूर होकर भी नजदीकियां कायम रही.. हमारा इश्क़, दूसरों से अलग था..
दुनियाँ में इतनी रस्में क्यों हैं, प्यार अगर ज़िंदगी है तो इसमें कसमें क्यों हैं, हमें बताता क्यों नहीं ये Continue Reading..
सुनो ना….हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें, रहम तो आता होगा?
Uski Deed Ko Aj Aankhen Yun Tarass Rhi Hain Jaise Hassrat Ho Banjar Zameen Ko Muddat Se Ek Barsat Ki
जो ज़िन्दगी का हिस्सा नहीं बनते वो शायरी बन कर रह जाते हैं जो एहसास मुक्कमल नहीं होते वो पलकों Continue Reading..
उसने हमसे पुछा…रह लोगे मेरे बिना.. साँस रुक गयी…. और उन्हें लगा कि….हम सोच रहें हैं..!!
बढ़ने लगे वो हमारी तरफ , तो लगा मुझे, मेरी मंजिल को मकाम मिल गया । होश आया तो मंजिल Continue Reading..
उसे लगता है की उसकी चालाकियाँ मुझे समझ नही आती मै बड़ी खामोशी से देखता हु उसको अपनी नजर से Continue Reading..
Woh meri soch k parday mein chupa betha hai,,, main kisi aur ko sochon bhi to sochon kaise….?
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