मन्दिर मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके
कहते हे कि पत्थर दिल रोया नही करते तो.. फिर पहाङो से ही झरने क्यो बहा करते है ..”
ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको, बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..
~Kehney Walon Ka Kya Jaata Haii .. Sehney Waley Kmaal Kartey Haii .. ^
मोहब्बत थी, तो चाँद अच्छा था..! उतर गई, तो दाग भी दिखने लगे..
-Suna Haii Ishq Ka Shoq Nahii Tumko Magar Barbaad Kmaal Ka Kartey Ho .. ‘
खफा रहने का शौख भी पूरा कर लो लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नही लगते..
ना कर शक मेरी मोहब्बत पर ऐ पगली…. . अगर सबूत देने पर आया तो तू बदना हो जायेगी…
देख पगली दिल मेँ प्यार होना चाहिए… धक-धक तो Royal Enfield भी करता है!
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