कैसे गुजर रही है सभी पूछते तो हैं, कैसे गुजारता हूँ कोई पुछता नहीं…
चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
सब आ गए ना 2017 में?😝😝😝😂😂😂 कोई छूटा तो नहीं
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है ,, वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
मैं परेशान था उसकी ख़ातिर, औऱ वो दिल पे हाथ थाम के बैठी थी !!
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
स्कूल की बस रोज़ सुबह इमारत के नीचे हॉर्न बजाती है …. . . यूं लगता है जैसे…. ज़िन्दगी वापस Continue Reading..
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