कैसे गुजर रही है सभी पूछते तो हैं, कैसे गुजारता हूँ कोई पुछता नहीं…
मुझे महोब्बत है तेरे मन से.. न तेरी खूबसूरती से न लिबास से..
तन्हाई की सरहदें और भीगी पलके….!! हम लुट जाते हैं, रोज तुम्हें याद करके….!
जब नफ़रत करते करते थक जाओ..। तो एक मौका प्यार को भी दे देना।।.
पी लिया करते हैं जीने की तमन्ना में कभी, डगमगाना भी ज़रूरी है संभलने के लिए।
~Be’Bass Kar Diya Tu Ney Mujhey, Apney Bass Meiin Karke .. ‘
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
~Apni Galti’On Pe Parda Daal Kar, Har Shakhs Keh Raha Haii Zamana Khraab Haii . ‘
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
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