आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
~Bari Gustakhiyan Karne Laga Hay, Ye Dil Mujh Se, Ye Jab Se Tera Huwa Hy Meri Sunta Hi Nahi .. Continue Reading..
तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे? दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।
दर्द आवाज छीन लेता है ओर खामोशी की कोई वजह नही होती
! वो अब भी आती है ख्वाबों में मेरे.. ये देखने की मैं उसे भूला तो नहीं…..!!
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
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