मेरी कोशिश हमेशा से ही नाकाम रही पहले तुजे पाने की अब तुजे भुलाने की.
वो तो हम जैसे शायरों ने लफ़्ज़ों सेसजा रखा है… वरना मोहब्बत इतनी भी हसीं नहीँ होती…
छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे, बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है
नहीं जीना मुझे अब उस नकली अपनों के मेले में … खुश रहने की कोशिश कर लूंगा खुद हीं अकेले Continue Reading..
फिर से तेरी यादें मेरे दिल के दरवाजे पे खड़ी हैं वही मौसम, वही सर्दी, वही दिलकश ‘जनवरी’ है !!
अनदेखे धागों में, यूं बाँध गया कोई, की वो साथ भी नहीं, और हम आज़ाद भी नहीं !!
Uske Har Sapne Ko Puraa Karne Ki Zidd Thi Meri, Usney Aazadi Mangi Aur Mainey Khud Ko Mittaa Diyaa…!!!
वो हमसे पूछते है की ख्वाबो में किसे देखते हो, और हम है की कई उमर से सोए ही नहीं।
तुम मुझे खून दो, मै तुम्हे आजादी दुन्गा.. तू मुझे Request भेज, मै तुझे तेरे Boyfriend से आजादी दुन्गा l
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