लोग क़दर तभी करते हैं जब उन्हें मुँह लगाना छोड़ दो
कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को, जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ
मुझे महोब्बत है तेरे मन से.. न तेरी खूबसूरती से न लिबास से..
वो जवानी ही क्या जिसे लोग पलट कर न देँखेँ
तुम जिंदगी की वो कमी हो , जो जिंदगी भर रहेगी !!!
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
-Koii Toh Aiisa Ho Jo Siirf Mera Ho .. ‘
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
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