लोग क़दर तभी करते हैं जब उन्हें मुँह लगाना छोड़ दो
~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
कैसे गुजर रही है सभी पूछते तो हैं, कैसे गुजारता हूँ कोई पुछता नहीं…
~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
मैं बुरा हूँ तो बुरा ही सही… …. कम से कम “शराफत” का दिखावा तो नहीं करता
~Tum Jo Kehte The Acha Haii Zamana Hum Se, Ye Batao K Mila Koi Hamarey Jaisa .. ?
..है एक कर्ज़ जो हरदम सवार रहता है । …वो मम्मी पापा का प्यार है जो सब पर उधार रहता Continue Reading..
तेरी तलाश में निकलु भी तो क्या फायदा, तु बदल गया हैं ,खोया नही हैं ।
-Tu Zaroori Sa Haii Mujhko Ziinda Rehney Ke Liiye ..
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