मेरी एक छोटी सी बात मान लो, लंबा सफर है फकीरा हाथ थाम लो…
मेरी दिल की दिवार पर तस्वीर हो तेरी _ और तेरे हाथों में हो तकदीर मेरी..! –
Humne har dukh ko Mohabbat ki Inayat samjha.. Ham koi tum the, Kya jo Shikayat karte.
Nazdeek Ho Kar Bhi Woh Itna Door Hai Mujh Sy, Ishara Ho Nahi Sakta, Pukara Ja Nahi Sakta..
पढ़ रहा हूँ मै इश्क़ की किताब ऐ दोस्तों…… ग़र बन गया वकील तो बेवफाओं की खैर नही – v
~Umar Bhar Rahugi Gulam Haii Koi Jo Us Sa Mila De .. ‘
चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या मुसाफिर बन जाउंगा !
हम वही हैं बस ज़रा सा ठिकाना बदल दिया है आजकल तेरे दिल से निकल कर अब अपनी औक़ात में Continue Reading..
मोहब्बत थी, तो चाँद अच्छा था..! उतर गई, तो दाग भी दिखने लगे..
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