सोचता हूँ बेच डालूं …. मेरे सब उसूल अब पुराने हो गए हैं !!
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
तुम जिंदगी की वो कमी हो , जो जिंदगी भर रहेगी !!!
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
Ek baat Batao Agr Mai Na Rahu To Koi Kmi To nhi Hogi na
जितनी हसीन ये मुलाकातें है😉 😘 उससे भी प्यारी तेरी बातें है
पुराने आशिक वफा तलाश करते थै, आज के आशिक जगह तलाश करते है..
मीठी यादों के साथ गिर रहा था, पता नहीं क्यों फिर भी मेरा वह आँसु खारा था.
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
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