DP mat dekh Pagli Dil dekh Dil, Branded hai.
त्यौहारों के बहाने ही सही, रिश्ते तो घर लौट आते है…
छोड़ना आसान होता है लेकिन भूलना नही
~Tere Baad Kon Roky’Ga Humein, Hum Khud Ko Jee Bhar k Barbaad Karein’Gy .. ‘
पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
काजल ज़रूरी है तुम्हारी आँखों को, मेरी आँखों को डूबने की हद्द पता रहती है..
~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहती ।।
!! वो अब भी आती है ख्वाबों में मेरे.. ये देखने की मैं उसे भूला तो नहीं…..!!
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