Ek baat Batao Agr Mai Na Rahu To Koi Kmi To nhi Hogi na
मैं परेशान था उसकी ख़ातिर, औऱ वो दिल पे हाथ थाम के बैठी थी !!
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
दर्द आवाज छीन लेता है ओर खामोशी की कोई वजह नही होती
फ़िक्र तो तेरी आज भी है.. बस .. जिक्र का हक नही रहा।
~Chalo Accha Hua Ke Dhund Parney Lagi, Warna Dur Tak Takti Thi Niighein Raah Terii .. ‘
एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों, जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…
जितनी हसीन ये मुलाकातें है😉 😘 उससे भी प्यारी तेरी बातें है
पी लिया करते हैं जीने की तमन्ना में कभी, डगमगाना भी ज़रूरी है संभलने के लिए।
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