जिस्म छू के तो.. सब गुज़रते हैं.. रूह छूता है कोई.. हज़ारों में..
अपनों की चाहत मे मिलावट थी इस कदर. मैं तंग आकर दुश्मनों को मनाने निकल गया..
अक्सर वक्त पडने पर वो ही साथ छोडते है… जिनपर सबसे ज्यादा भरोसा होता h
जहां तक रिश्तों का सवाल है लोगो का आधा वक़्त अन्जान लोगों को “इम्प्रेस” करने और अपनों को “इग्नोर” करने Continue Reading..
Kuch wqt ki rwaani ny hmain yon bdl diya.. Wafa PR ab bhi qaym hain mgr muhabbat chor di hum Continue Reading..
दोस्तो उसे बता देना कि मर गया वो जो तुम पर मरा करता था
तेरे चेहरे पे ये शिकन हमें मंजूर नही…!!! . . सुनों तुम खुश रहा करो मैं रहूँ न रहूँ…!!
“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
~ Roothi Agar Tujhse Toh Iss Andaaz Se Roothu’Gi, Ke Tere Shehr Ki Mitti Bhii Mere Wajood Ko Tarse’Gi .. Continue Reading..
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