हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं, हाथ के अन्दर हैं पर काबू से बाहर…
Dard dilon ke kam ho jaate… Main aur Tum agar hum ho jaate
इश्क में तेरे मरने का इरादा नहीं…..! प्यार है तुमसे पर जिन्दगी से ज्यादा नहीं.!! 🙂
Gul shaakh se bichrey to kahin ka nahin rehta, Tum khud ko juda meri zaat se kuch soch ke karna..
यूँ तो आदत नहीं मुझे मुड़ के देखने की… तुम्हें देखा तो लगा…एक बार और देख लू…
यहाँ मेरा कोई अपना नहीं है….. . …..चलो अच्छा है कुछ ख़तरा नहीं है !!
खुद को बिखरने मत देना कभी किसी हाल मे, लोग गिरे हुए मकान की ईटेँ तक ले जाते है
जीभ मे हड्डीया नही होती फिर भी जीभ हड्डीया तुडवाने की ताकत रखती है
हम ने भी कह दिया उनसे की बहुत हो गयी जंग बस.. बस ए मोहब्बत तुझे फ़तेह मुबारक मेरी शिक्स्त Continue Reading..
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