तू याद रख, या ना रख… तू याद है, ये याद रख…
भुलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,.. मैंने नहीं मेरे दिल ने चुना है तुम्हे
मुझे रिश्तो की लंबी कतारोँ से मतलब नही , कोई दिल से हो मेरा, तो एक शख्स ही काफी है..।
जिँदगी से हम अपनी कुछ भी उधार नही लेते . कफन भी लेते है तो अपनी जिँदगी देकर
~Bahot Mehsoos Hota Haii, Tera, Mehsoos Na Karna .. ‘
Tumhari Khusbu Se Mehakti Hai Wo Gazle Bhi, Jinme Likhti Hu Mai “Ki Tumhe Bhul Gai Hu.”
-Ek Muddat Se Waqt Khamosh Tha Aaj, Lamhe Fir Yoon Hi Kuch Kehne Lage .. ‘
उदास रहता है मोहल्ले मै बारिश का पानी आजकल, सुना है कागज़ की नाव बनानेवाले बड़े हो गए है!
तकदीर मेँ ढूंढ रहा था तस्वीर अपनी, न ही मिली तस्वीर, ओकात मिल गई अपनी
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