तू याद रख, या ना रख… तू याद है, ये याद रख…
मैं रोज अपने खून का दिया जलाऊँगा, ऐ इश्क तू एक बार अपनी मजार तो बता
दिन छोटे और रातें लंबी हो चली है ,मौसम ने यादों का वक़्त बढ़ा दिया।..
jisko टूट के प्यार किया हो : उसको भूला पाना इतना आसान नही होता
नदी बहती थी मौहब्बत की हम दोनो के दरमिंया…. तुम तैर कर बाहर आ गये…और हम आज तक उसमें डूबे Continue Reading..
शक तो था मोहब्बत में नुक्सान होगा, पर सारा हमारा होगा ये मालूम न था।
Mujhse agar nafrat karni hai to iraada pakka kar lo!! Zra si bhi chook hui to mohobbat ho sakti hai!!
Ye jo har moor py a milti hain mjhsy Bad nasibi bhi kahen meri diwani to nhi..
तुमने क्या सोचा कि रिश्ते तोडने से मुँहब्बत खत्म हो जाती है, अरे लोग तो उन्हें भी याद करते है Continue Reading..
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