तू याद रख, या ना रख… तू याद है, ये याद रख…
उपलब्यधियाँ और आलोचनाएँ एक दुसरे की मित्र है उपलब्यधियाँ बढेगी तो निशचित ही आपकी आलोचनाएँ भी बढेगी
~Woh Jo Kehta Tha Tum Na Mili Toh Mar Jaunga Meiin, Woh Aaj Bhii Ziinda Haii, Yeh Baat Kisii Aur Continue Reading..
दोपहर तक बिक गया बाजार का हर एक झूठ , और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा
ना जाने इस ज़िद का नतीज़ा क्या होगा.. समझता दिल भी नहीँ वो भी नहीँ मैँ भी नहीँ..
अगर कोई आप पर आँख बंद करके भरोसा करे तो आप उसे ये एहसास मत दिलाओ कि वह सच मे Continue Reading..
अधिक सीधा-साधा होना भी अच्छा नहीं होता है, सीधे वृक्ष सबसे पहले काट लिये जाते हैं।
~Unka Ishq Chaand Jaisa Tha .. Poora Hua Toh Ghatne Lga .. ‘
शांखो से टूट जाये वो पत्ते नही हे हम , इन आंधीयों से केहदो जरा अपनी औकात में रहे ।
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