तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये.. मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..
उन्हें देखने सो जो आ जाती है चेहरे पे रौनक, वो समझते हैं की बीमार का हाल अच्छा है ..
~एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानियाँ हैं .. ^
तुम्हारा जिक्र ,तुम्हारी फिक्र, तुम्हारा एहसास… तुम खुदा नहीं फिर, हर जगह मौजूद क्यों हो
ज़िन्दगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है !. दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है
किसी की मजबूरी का….मजाक ना बनाओ यारों..!! ज़िन्दगी कभी मौका देती है तो कभी धोखा भी देती है..!!
नींद उड़ा कर मेरी कहते है वो कि सो जाओ कल बात करेंगे, अब वो ही हमें समझाए कि कल Continue Reading..
अक्ल कहती है, ना जा कूचा-ए-क़ातिल की तरफ; सरफ़रोशी की हवस कहती है चल क्या होगा।
Zindagi ha so guzar rahi hai warna, Hamein guzray to zamany howey…!!!
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