तू मुझे भुलाने की कोशिश तो कर, पल पल याद आऊँगी खुशबू की तरह
Udaasii Kaan Meiin Chup Kay Sey Kehney Lagii, Meiin Thak Gaye Hoon Chalii Jaun Agar Ijazat Ho ..
अपनी पहचान का तुझसे हवाला चाहु कितना पागल हूँ जो अँधेरे से उजाला चाहु
“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
चुनौतियो को स्वीकार करो क्योकि इससे या तो सफलता मिलेगी या सीख
जाते-जाते वो मुझे अच्छी निशानी दे गया उम्र भर ना दोहरा पाऊ ऐसी कहानी दे गया।
~एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानियाँ हैं .. ^
बहुत दिन हो गए ‘मुहब्बत’ लफ्ज़ सुन सुनकर मुझे…. कल ‘बेवफ़ा’ सुना तो तरी बहुत याद आई मुझे….
सोचते थे तुमसे बिछड़ के जी नहीं पायेंगे, हाँ जी तो रहे है “मौत का इंतजार करते करते।”
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