कितनी मासूम सी है ख्वाहिस आज मेरी कि नाम अपना तेरी आवाज़ से सुनूँ !!!
उनकी गलियो से गुजरना तो बहुत आम था… बहाना भी एक कि कोई बेहद जरुरी काम था…
तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते…
इतनी उदास न हो, ऐ जिन्दगी खोते वही हैं, जो कुछ पाने की तमन्ना रखते हैं.
~Tere Baad Kon Roky’Ga Humein, Hum Khud Ko Jee Bhar k Barbaad Karein’Gy .. ‘
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ, किस्मत की रोटी तो कुत्तेको भी नसीब होती है.!!
-Ab Rakhna Mera Khayal Umer Bhar K Liiye, Maine Thama Haii Tumhara Hath Bary Maan K Saath .. ‘
शांखो से टूट जाये वो पत्ते नही हे हम , इन आंधीयों से केहदो जरा अपनी औकात में रहे ।
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