कट रही है ज़िंदगी रोते हुए, और वो भी तुम्हारे होते हुए…
सोचता हूँ बेच डालूं …. मेरे सब उसूल अब पुराने हो गए हैं !!
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
मै और मेरा रब्ब रोज भूल जाते है वह मेरे गुनाहो को मै उसकी रहमतो को
वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
~ Suno Sahib Khatam Sirf Rishety Kiye Jate Haii Mohabbat Nahii .. ‘
हमारी तलाश, तेरी लाश पे आके खत्म होगी..
जितनी हसीन ये मुलाकातें है😉 😘 उससे भी प्यारी तेरी बातें है
~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
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