सब आ गए ना 2017 में?😝😝😝😂😂😂 कोई छूटा तो नहीं
~La’Parwah Haii Woh Zamaney Bhar Ka, Phiir Bhi Accha Lagta Hai Zamaney Bhar Se .. ‘
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
रात तो क्या पूरी जिन्दगी भी जाग कर गुजार दूँगा तेरे खातिर ।।।
जितना बड़ा संघर्ष होगा, jeet उतनी ही शानदार होगी !!
~Tumko De Di Hai Isharoo’N Mein Ijaazat Maine, Maang’Ne Se Na Miloo’N Agar Toh Chura Lo Mujhko ..’
मैं बुरा हूँ तो बुरा ही सही… …. कम से कम “शराफत” का दिखावा तो नहीं करता
कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को, जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ
पी लिया करते हैं जीने की तमन्ना में कभी, डगमगाना भी ज़रूरी है संभलने के लिए।
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