~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
*यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते* *किसी को अपना कैसे मानेंगे…
Kabhi guroor mat karna apne husn par Tum ik-lotte nhi jise khuda ne husn nawaza hai”
वो फिर से लौट आये थे मेरी जिंदगी में’ “अपने मतलब” के लिये, और हम सोचते रहे की हमारी दुआ Continue Reading..
कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
Aa kuch likhdu tere bare meIN, Tu bhi dhundhti hogi khud ko mere Lafzon meIN
गिला भी तुझ से बहुत है, मगर मोहब्बत भी, वो बात अपनी जगह है, ये बात अपनी जगह
मुस्कुरा के देखो तो सारा जहाँ रंगीन है। वर्ना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है।।
तेरे प्यार की हिफाजत कुछ इस तरह से कि मैंने , जब भी किसी ने प्यार से देखा तो नज़रे Continue Reading..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *