~Woh Matlab Se Miltey Haiin Aur, Hameiin Siirf Milney Se Matlab Haii .. ‘
हम पर जो गुजरी है, तुम क्या सुन पाओगे, नाजुक सा दिल रखते हो, रोने लग जाओगे !
एक बात बता😑 तुमने मेरे बगैर भी, जी कर दिखा दिया, अब सवाल ये है कि “दिल” का क्या हुआ
ईश्क की गहराईयो में खूब सूरत क्या है, मैं हूं , तुम हो, और कुछ की जरूरत क्या है!
दर्द कहां मोहताज़ होता है शब्दों का बस दो आंसू ही काफ़ी है, बयां करने को…..!!
तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है, तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है..
दुआ का यूँ तो कोई रंग नहीं होता मगर दुआ रंग जरुर लाती है
सांपो के मुक्कदर में.. वो जहर कहाँ, जो आजकल इन्सान सिर्फ बातों मे ही उगलतें है।
जब सुकून नही मिलता दिखावे की बस्ती में… तब खो जाता हूँ मेरे महाकाल की मस्ती में…
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