-Ishq Kiiya Jo Us’se Phir Usko Aazmana Kya?
लोग आँसुओं मे पढ़ते थे नाम तेरा.. इसीलिए हमने रोना छोड़ दिया.. :)) –
कहीं ज़िद पूरी, कहीं जरूरत भी अधूरी… कहीं सुगंध भी नहीं, कहीं पूरा जीवन कस्तूरी…!!
कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को, जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ
तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे? दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।
शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आपकी कमी सी है,
सोचता हूँ बेच डालूं …. मेरे सब उसूल अब पुराने हो गए हैं !!
~Apni Narazgii Ki Koii Wajah Toh Batayii Hotii, Hum Duniiya Chor Detey Tujhe Manany Ke Liiye .. ‘
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
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