हमारी तलाश, तेरी लाश पे आके खत्म होगी..
इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
~Izhar’E-Ishq Me Aiisa Hua Kuch Wo, Dil Ka Haqdaar To Hua Lekin Mera Naa Hua .. ‘
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
है एक शख़्स ऐसा भी, जो किश्तों में मार रहा है मुझे !!
Ek baat Batao Agr Mai Na Rahu To Koi Kmi To nhi Hogi na
लोगो के तो दिन आते है पर . हमारा तो जमाना आएगा
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहती ।।
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