कोई लौटादे वो प्यारे-प्यारे दिन..
कटती नहीं रातें उसके बिन..
हर शख्स परेशान है इस शहर में बस फर्क इतना है.. कि कुछ लोग मुस्कराने की हिम्मत रखते हैं..!!
कहाँ तलाश करोगे तुम मुझ जैसा कोई… जो तुम्हारे सितम भी सहे…. और तुमसे मुहब्बत भी करे !!!
मुद्दत बाद जब उसने मेरी खामोश आँखें देखी तो ये कहकर फिर रुला गया कि लगता है अब सम्भल गए Continue Reading..
कोई नहीं बचाकर रखना चाहता है यादें जान से प्यारे खत बेरुखी से जलने लगे हैं !!
दिलासा देते है लोग की यूँ हर वक्त रोया न करो, मैं कैसे बताऊँ की कुछ दर्द सहने के काबिल Continue Reading..
बेबसी हैं उदासी हैं और दर्द हैं सब हैं मेरे पास बस इक तुम ही नहीं हो…!!
वो बचपन कितना सुहाना था सर ए आम रोया करते थे. अब एक आँसू भी गिरे तो लोग हजारों सवाल Continue Reading..
तरस खाओ तो बस …. इतना बताओ हमदम ….. वफा नहीं आती या तुमसे की नहीं जाती ….!!
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *