मुझे खेरात में मिली खुशियां अच्छी नही लगती।।में अपने गमो में भी रहता हूँ ।।नबाबों की तरह ,,,,,,
Related Posts
काश मेरा घर तेरे घर के करीब होता, बात करना ना सही, देखना तो नसीब होता
Tere Pyar Me Do Pal Ki Zindgi Bahut Hai, Ek Pal Ki Hansi Aur Ek Pal Ki Kushi Bahut Hai, Continue Reading..
किस कदर मासूम था लहजा उनका …. धीरे से “जान” कह के बेजान कर दिया !!
इश्क मुहब्बत क्या है..? मुझे नही मालूम…? . बस ….. . तुम्हारी याद आती है..? सीधी सी बात है
उसने पूछा की क्या- “पसंद है तुम्हे”.?? और मैं बहुत देर तक, “उसे देखता रहा”.
हम ने कब माँगा है..तुम से.. अपनी वफ़ाओं का सिला.. बस दर्द देते रहा करो.. मोहब्बत बढ़ती जाएगी..
~Aitbaar Bhii Aa Hi Jayega Milo Toh Sahi, Rasta Bhii Koii Mil Hii Jayega Tum Chalo To Sahii .. ‘
कुछ तो बात होगी उस पगली में जो मेरा दिल उसपे आ गया था वरना में तो इतना सेल्फिश हु Continue Reading..
